Tarksangrah

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 तर्कसंग्रह:

सम्पादकः

गोविन्दाचार्यः

कारिकावली- न्यायपदार्थकोश – लघुत्तरीय वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर सहित

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 तर्कसंग्रह:

सम्पादकः

गोविन्दाचार्यः

कारिकावली- न्यायपदार्थकोश – लघुत्तरीय वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर सहित

  • तर्कसंग्रह न्यायशास्त्र और वैशेषिकशास्त्र का प्रारम्भिक ग्रन्थ है अथवा यूँ कहा जाय कि न्यायशास्त्र और वैशेषिकशास्त्र के दर्शनों व सिद्धान्तों का मिश्रित निरूपण तर्कसंग्रह में किया गया है, जिससे उक्त दोनों शास्त्रों में प्रवेश पाने में सरलता हो सके।
  • इसके प्रणेता विद्वान् अन्नम्भट्ट हैं। ये दाक्षिणात्य ब्राह्मण थे। इन्होंने तर्कसंग्रह, उसकी टीका तर्कसंग्रहदीपिका, व्याकरण में महाभाष्य-प्रदीपोद्योतन और अष्टाध्यायी मिताक्षरा एवं वेदान्त में ब्रह्मसूत्रव्याख्या आदि ग्रन्थ लिखें हैं। इन्होंने तर्कसंग्रह में प्रमाणों के विषय में न्यायदर्शन का और प्रमेयों के विषय में वैशेषिकदर्शन का अनुसरण किया है।
  • अतः तर्कसंग्रह को उभयशास्त्र का प्रवेश ग्रन्थ माना जाता है। यद्यपि तर्कसंग्रह सूत्ररूप में नहीं है किन्तु जिस तरह से यह बनाया गया है, वह सूत्रात्मक ही लगता है।
  • सूत्र का तात्पर्य यह है कि कम शब्दों में अधिक बात को कहना। इस कार्य में अन्नम्भट्ट पूर्णतया सफल हैं। यह ग्रन्थ संक्षिप्त होते हुये भी सम्यक्तया गूढार्थ-प्रकाशन करता है।

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Weight 390 g

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